परिभाषा (Definition) –
कंप्यूटर वह स्थान है जहा डेटा निर्देश और डेटा जानकारी को अस्थायी और स्थाई रूप से संग्रहित किया जाता है यह मनुष्य की दिमाग की तरह कम केटी है जो चीजो को याद रखती है
Types of computer memory (कंप्यूटर मेमोरी के प्रकार)
कंप्यूटर मेमोरी मुख्य रूप से दो भागो में बाटी जाती है

Types of Primary Memory (प्राथमिक मेमोरी के प्रकार)
(1). RAM(Random Access Memory) –
इसका विकाश सन 1963 ईo robert dennard द्वारा किया गया था यह मेमोरी एक चीप की तरह होती है जो मैटल आक्साइड सेमीकंडक्टर की बनी होती है RAM में उपस्थित सभी सूचनाये अस्थायी होती है और जैसे ही कंप्यूटर की विधुत सप्लाई बन्द कर दी जाती है वैसे ही समस्त सूचनाये नष्ट हो जाती है अर्थात RAM एक वालेटाइल मेमोरी है
RAM के प्रकार-
- डायनेमिक RAM (D RAM) –
DRAM चीप के स्टोरेज सेल परिपथो में एक एक ट्रांजिस्टर लगा होता है जो ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जिस प्रकार से स्विच ON /OFF कार्य करता है और इसमे एक कैपीसिटर भी लगा होता है जो विधुत चार्ज को स्टोर करता है
DRAM के प्रकार –
(a). SD RAM (synchronous dynamic random access memory)
(b). RD RAM (rambus dynamic random access memory)
(c). DD RAM (double data dynamic random access memory)
2. स्टैटिक RAM(S RAM)
इसमे डेटा तब तक संचित रहता है जबतक विधुत सप्लाई ऑन रहती है
ये एक प्रकार की तेज और महँगी मेमोरी होती है जिसका उपयोग कैश मेमोरी , प्रोसेसर registers और हाई स्पीड devices में किया जाता है ये DRAM से काफी तेज होती है
S RAM के प्रकार –
(i). Non – burstable S RAM
(ii). Special S RAM
(iii). Asynchronous S RAM
(iv). Synchronous S RAM
(2). ROM(read only memory)-
इसका विकास सन 1980 ईo में jay forrester ने किया था इस मेमोरी में उपस्थित डेटा तथा निर्देश स्थायी होते है जिस कारण इन्हें पढ़ा जा सकता है परन्तु इन्हें डेटा और निर्देशों के स्थाई होने के कारण कंप्यूटर की विधुत सप्लाई बन्द होने पर भी इस चीप में भरी सूचनाये संरक्षित रहती है अर्थात ROM नॉन वालेटाइल मेमोरी है
ROM के प्रकार –
(a) P ROM (Programmable read only memory)
(b) E ROM ( Erasable programmable ROM)
(c) EEPROM (Electrically erasable programmable ROM)
[2]. Secondary Memory (द्वितियक मेमोरी)
इस प्रकार की मेमोरी CPU से बाहर होती हैइसलिए इसे द्वितीयक मेमोरी कहा जाता है इसमें बिजली जाने पर भी डेटा नहीं मिटता है तथा इसकी छमता ज्यादे होती है और गति RAM से कम होती है
Secondary memory के प्रकार –
फ्लॉपी डिस्क (FDD)– (Alan shugart 1967 फ्लॉपी डिस्क माईलर की बनी होती है ये एक व्रीत्ताकार डिस्क होती है जिसके दोनों ओर एक चुम्बकीय पदार्थ का लेप चढ़ा होता है यह एक प्लास्टिक के चौकोर कवर में संरक्षित रहती है जिसके अंदर फ्लॉपी की सफाई करने वाली मुलायम लाइने होती है size – 8 इंच , 5¼ इंच , 3½ इंच इसमें बिच की दूरी किसी धातु की बनी होती है इसमे किनारे पर खिसकने वाला ढक्कन होता है जो लिखने पढने के खुले स्थानों को पूरी तरह ढक लेता है Size – 1.44 – 1.80 MB
हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) –
Reyaold B. Johson 1956
हार्ड डिस्क ड्राइव एक स्टोरेज डिवाइस होता है जो कंप्यूटर , लैपटॉप
CCTV,DVR/NVR , गेमिंग कंसोल्स और सर्वर्स में data स्टोर करने
के कम आता है इसमें आपके फाइल ,डॉक्यूमेंट , फोटो ,वीडियोस , software ,
ऑपरेटिंग सिस्टम सभी स्टोर होते है
HDD क अंदर दो मुख्य पार्ट होते है-
(i)Platter disk – यह गोल प्लेट की तरह होता है जो बहुत तेज घूमता है 5400 RPM या 7200 RPM (RPM =Round PER Minute)
(ii) Read/Write Head – यह सुई जैसा होता है जो घुमती हुई डिस्क पर डेटा पढने और लिखने के कम करता है यह पूरी डिस्क एक magnetic तकनीक पर चलता है
Size – 4, 8, 16, 32, 64 ,128, 256, 512, 1024
मेमोरी स्टिक – (Inventer-Fujio Masuak 1980)
यह एक प्रकार का मेमोरी कार्ड होता है ये एक USB आधारित मेमोरी ड्राइव है इसका आकर 50*21.5*2.8mm होता है तथा इसकी छमता 4MB से 256GB तक होता है
कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) – Inventer-Jumes Russel 1982
यह एक ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस है जिसमे डेरा को Laser की सहायता से पढ़ा और लिखा जाता है इसका उपयोग पहले संगीत , विडियो , सॉफ्टवेयर और फाइल रखने के लिए बहुत होता था
एक सामान्य CD में लगभग 700MB तक डेटा को रखा जा सकता है
DVD (Digital Versitile disk)-
DVD एक गोल डिस्क होती है जिसमे फिल्मे,गाने ,वीडियो ,गेम या कोई भी डेटा रखा जाता है इसमें ज्यादा डेटा आता है लगभग 4.7 GB या उससे ज्यादा यह CD से बड़ी क्षमता वाला डिस्क होता है
ब्लू रे डिस्क –
यह एक हाई क्वालिटी विडियो और डेटा स्टोरेज डिस्क होती है यह DVD से काफी बेहतर होती है इसमें बहुत ज्यादा डेटा आता है (25GB ,50GB या उससे भी ज्यादा) यह नीली लेजर से पढ़ी जाती है इसलिये इसे ब्लू-रे कहा जाता है
पेन/थंब/फ़्लैश/ड्राइव – फ़्लैश मेमोरी डेटा स्टोरेज डिवाइस से बना होता है जिसमे एक USB(universal serial bus)1.1 या 2.0 अंतर फलक एकीकृत होता है USB फ़्लैश ड्राइव आम तौर पर हटाने योग्य और रि-राईटेबल होते है जो एक फ्लापी डिस्क से छोटे होते है और अधिकांश का वजन 30 ग्राम से कम होता है
Magnetic tape –
यह एक पतली प्लास्टिक की लम्बी पट्टी होती है जिसके ऊपर चुम्बकीय पदार्थ का परत चढ़ी होती है इस पर डेटा रिकॉर्ड किया जाता है टेप की लम्बाई 200 से लेकर 3600फीट होती है
CPU (केन्द्रीय विशेषज्ञ इकाई) – CPU एक इलेक्ट्रॉनिक चिपसेट होता है
जो कंप्यूटर में दिए गये सभी टेक्स्ट को परफोर्म करता है CPU को
अक्सर कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है ये कंप्यूटर सिस्टम का सबसे
इम्पोर्टेंट हिस्सा होता है जो सभी इंस्ट्रक्शन्स को process करता है
ये इनपुट लेता है process करता है आउटपुट डेटा है